बवासीर
के लिये अक्सीर आयुर्वेदिक औषधि (रामबाण)
बवासीर आयुर्वेदिक दवा से सात दिनमे ठीक होता है ।
बवासीर गुदा मार्ग की बीमारी है । यह मुख्यतः दो प्रकार की होती है खूनी बवासीर और बादी बवासीर। इस रोग
के होने का मुख्य कारण ” कोष्ठबद्धता ” या ”कब्ज़ ” है। कब्ज़ के कारण मल अधिक शुष्क व कठोर हो जाता है
और मल निस्तारण हेतु अधिक जोर लगाने के कारण बवासीर रोग हो जाता है। यदि मल के साथ बूंद -बूंद कर
खून आए तो उसे खूनी तथा यदि मलद्वार पर अथवा मलद्वार में सूजन मटर या अंगूर के दाने के समान हो
और मल के साथ खून न आए तो उसे बादी बवासीर कहते हैं। अर्श रोग में मस्सों में सूजन तथा जलन होने
पर रोगी को अधिक पीड़ा होती है।
सुबह 2 गोली आधा गिलास छाजके साथ लेना है। उस पर 4 से 5
घटे तक कुछ भी नही खाना है। सुबह और शाम 2 बार मलहम
लगाना है।
घटे तक कुछ भी नही खाना है। सुबह और शाम 2 बार मलहम
लगाना है।
डॉ. विकास शिंदे (एन. डी.)
Ahmednagar (MS)
Mob.- 09890989157 / 07385575363
No Side Effects

